हिन्दी, अंग्रेज़ी और बंगाली में ज़ोरदान शब्दों में लिखे इस कविता में तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने कहा कि वो सांप्रदायिकता का रंग और धार्मिक आक्रामकता बेचने पर यकीन नहीं रखती हैं.from Latest News देश News18 हिंदी http://bit.ly/2M6lkVV
हिन्दी, अंग्रेज़ी और बंगाली में ज़ोरदान शब्दों में लिखे इस कविता में तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने कहा कि वो सांप्रदायिकता का रंग और धार्मिक आक्रामकता बेचने पर यकीन नहीं रखती हैं.
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' ऊंचाई पर वही पहुँचते हैं, जो बदला लेने की नहीं, बदलाव लाने की सोच रखते हैं।
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